October 12, 2026

सेंसेक्स-निफ्टी धड़धड़ाकर गिरे: जानिए क्यों अचानक शेयर बाजार में मच गई भगदड़?

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शुक्रवार की राहतभरी तेजी के बाद हफ्ते के पहले ही कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार में भारी बिकवाली का दौर लौट आया। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स अपने दिन के ऊपरी स्तर से करीब 1,000 अंक तक लुढ़क गया और अंत में 547.65 अंक (0.76%) की बड़ी गिरावट के साथ 71,924.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 157.10 अंक (0.70%) टूटकर 22,363.35 पर बंद हुआ। आखिर बाजार में अचानक यह सुनामी क्यों आई? आइए इसकी मुख्य वजहों को विस्तार से समझते हैं:

1. बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल

भारत और अमेरिका दोनों ही देशों में सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार पर चौतरफा दबाव साफ देखा जा रहा है। अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.3 फीसदी के पार निकल गई है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ गया है।

दूसरी ओर, भारत में भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 7.37 फीसदी के करीब पहुंच गई है, जो इसका लगभग तीन साल का उच्चतम स्तर है। यह उछाल मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकिंग सिस्टम से অতিরিক্ত लिक्विडिटी को नियंत्रित करने के कदमों के बाद आया है। आरबीआई के नए नियमों के तहत 16 अक्टूबर से बैंकों को अपने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) का कम से कम 99% हिस्सा रोजाना बनाए रखना होगा, जो अब तक 90% हुआ करता था।

2. विदेशी निवेशकों (FPI) की अंधाधुंध बिकवाली

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का भारतीय बाजारों से लगातार पैसा निकालना निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। अक्टूबर के शुरुआती महज छह कारोबारी सत्रों में ही विदेशी निवेशकों ने 45,125 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले हैं, जो सितंबर महीने की कुल 45,536 करोड़ रुपये की बिकवाली के लगभग बराबर है। जानकारों के मुताबिक, अक्टूबर में FII की इस आक्रामक बिकवाली की वजह से साल 2026 में अब तक कुल FPI इक्विटी बिकवाली का आंकड़ा 3,60,952 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

3. वैश्विक तनाव और भू-राजनीतिक चिंताएं

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर चल रहे तनाव ने भी बाजार के मूड को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। ईरान ने युद्ध विराम को लेकर अमेरिका के हालिया प्रस्ताव को नाकाफी बताकर खारिज कर दिया है और चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष फिर भड़का तो रणनीतिक डेटा सेंटरों और केबलों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा, यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा रियाद एयरपोर्ट पर किए गए हमलों और उसमें हुई कैजुअल्टी की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

4. प्रॉफिट बुकिंग का दबाव

लगातार आठ हफ्तों की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए सेंसेक्स और निफ्टी पिछले हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुए थे। ऐसे में बाजार के ऊपरी स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) को प्राथमिकता दी, जिससे भी बिकवाली का दबाव और ज्यादा गहरा गया।