RBI मॉनेटरी पॉलिसी: रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी, होम लोन की EMI बढ़ना तय; GDP ग्रोथ अनुमान सुधरा
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के नतीजों का ऐलान हो गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते महंगाई के दबाव और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। आरबीआई ने करीब तीन साल बाद रेपो रेट में बदलाव करते हुए इसे 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) बढ़ा दिया है।
इस बढ़ोतरी के बाद अब रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है।
आपके जेब और लोन पर क्या पड़ेगा असर?
-
महंगा होगा कर्ज: रेपो रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि बैंकों को आरबीआई से महंगी दर पर फंड मिलेगा। नतीजतन, बैंक अपने होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में इजाफा करेंगे।
-
बढ़ेगी EMI: अगर आपने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया हुआ है, तो आपकी मासिक किस्त (EMI) का बोझ बढ़ जाएगा।
-
गणित समझिए: यदि आपने 7.5% की दर से 25 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तो आपकी मौजूदा EMI लगभग 36,950 रुपये है। ब्याज दर बढ़कर 7.75% होने पर यह EMI बढ़कर करीब 37,766 रुपये हो जाएगी—यानी हर महीने लगभग 817 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।
-
RBI की बैठक के प्रमुख फैसले और आर्थिक अनुमान
| मानक | नया फैसला / अनुमान | पुराना विवरण |
| रेपो रेट (Repo Rate) | 5.50% (25 Bps की बढ़ोतरी) | 5.25% |
| पॉलिसी का रुख (Stance) | ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ (Calibrated Tightening) | ‘न्यूट्रल’ (Neutral) |
| SDF रेट | 5.25% | – |
| MSF एवं बैंक रेट | 5.75% | – |
| FY27 GDP ग्रोथ अनुमान | 7.1% (सुधार हुआ) | 6.7% |
| FY27 महंगाई दर (CPI) | 5.2% |
