October 8, 2026

गोवा में नाना पाटेकर के अंतिम क्षण: डॉक्टरों ने बताई दिल का दौरा पड़ने और इलाज की पूरी कहानी

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मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने गोवा में अंतिम सांस ली। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है।

पीटीआई के अनुसार, गुरुवार तड़के पणजी के डोना पाउला स्थित अपने फ्लैट में नाना पाटेकर बेहोश पड़े मिले थे। इसके बाद उन्हें पास के एक निजी अस्पताल (मणिपाल अस्पताल) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पीएम मोदी और दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर जैसी प्रभावशाली और अनोखी शख्सियत बहुत कम देखने को मिलती है। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके जाने से कला जगत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, अभिनेता रितेश देशमुख और वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई समेत कई बड़ी हस्तियों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

डॉक्टरों ने बताया उस रात क्या हुआ था?

मणिपाल अस्पताल में ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालुंखे के मुताबिक:

  • तबीयत बिगड़ने का संदेश: निधन से पहले नाना पाटेकर ने एक दोस्त को मैसेज कर अपनी तबीयत खराब होने की बात कही थी।

  • अस्पताल की टीम की कोशिश: जब उनके केयरटेकर और दोस्त सुबह करीब 4:00 बजे पहुंचे, तो नाना पाटेकर फर्श पर बेसुध और पसीने में तर-बतर पड़े थे।

  • सीपीआर देना: सुबह 4:20 बजे अस्पताल की एम्बुलेंस पहुंची और मौके पर ही सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया गया। 4:30 बजे उन्हें अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने लगभग एक घंटे तक सीपीआर दिया।

  • मौत की पुष्टि: सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल लाने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं, जिसके कारण इसे मेडिको-लीगल केस मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

एक नज़र नाना पाटेकर के शानदार करियर पर

नाना पाटेकर का अभिनय करियर चार दशकों से भी ज़्यादा लंबा रहा। उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन, थियेटर और प्लेबैक सिंगिंग में भी अपनी पहचान बनाई।

  • यादगार फिल्में: ‘परिंदा’, ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके किरदारों को आज भी याद किया जाता है।

  • हालिया काम: हाल ही में (2026 में) वह विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ’रोमियो’ में इंटेलिजेंस ब्यूरो चीफ के किरदार में नज़र आए थे। इसके अलावा वह ‘सुबेदार’, ‘हाउसफुल 5’, ‘वनवास’ और प्रकाश झा की ओटीटी सीरीज ‘संकल्प’ का भी हिस्सा रहे।

  • पुरस्कार और समाज सेवा: सिनेमा में अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें 2013 में ‘पद्म श्री’ से नवाजा गया था। अभिनय के अलावा, वह अपनी ‘नाम फाउंडेशन’ (Naam Foundation) के ज़रिए महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों और किसान परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।