चीन की एंट्री ने बाजार में नई चिंताएं बढ़ा दी, निवेशकों में अस्थिरता और बेचैनी के कारण शेयर बाजार में कोहराम
शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट देखने को मिली, जहां सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04%) गिरकर 74,003.82 पर बंद हुआ और निफ्टी 279.50 अंक (1.19%) की कमजोरी के साथ 23,118.60 पर रहा।
मुख्य कारण और बाजार की स्थिति:
- तेल की कीमतों में रुकावट और चीन से बढ़ती मांग के बीच बाजार में डर का माहौल बना।
- डिफेंस और रियल्टी सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट, निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.96% और निफ्टी रियल्टी 4.04% नीचे रहे।
- अन्य कमजोर सेक्टरों में मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मैन्युफैक्चरिंग, पीएसई, पीएसयू बैंक और मीडिया शामिल हैं।
- केवल निफ्टी आईटी सेक्टर में 2.19% की तेजी रही।
- मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी क्रमशः 2.12% और 2.43% की गिरावट दर्ज हुई।
- सेंसेक्स के गेनर्स में एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल और टाटा स्टील शामिल थे।
- लूजर्स में बीईएल, इंडिगो, टाइटन, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एसबीआई, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी और आईटीसी थे।
बाजार दबाव के कारण:
- कच्चे तेल की ऊंची कीमतें।
- ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी।
- इस सप्ताह के केंद्रीय बैंक की महत्वपूर्ण बैठकों की उम्मीदें, जो कड़े मौद्रिक नीति संकेत दे सकती हैं।
- अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों के कारण विदेशी निवेशकों की निकासी और उभरते बाजारों में नकारात्मक सेंटीमेंट।
मौजूदा वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थितियों के चलते निवेशक सतर्क हैं और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
