IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस: डीन सस्पेंड, संस्थान ने मांगी माफी; परिजनों ने लगाए जातिसूचक प्रताड़ना के आरोप
IIT बॉम्बे में बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे (22) की आत्महत्या के मामले में संस्थान ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीन पद से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही IIT प्रशासन ने अपने शुरुआती बयान पर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है।
साहिल 18 सितंबर की रात पवई स्थित हॉस्टल के अपने कमरे में मृत मिले थे। 20 वर्षों में IITs में अब तक 160 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।
मुख्य बिंदु:
-
संस्थान की सफाई और माफी:
-
इससे पहले 19 सितंबर को दिए बयान में संस्थान ने दावा किया था कि साहिल को मिड-सेमेस्टर परीक्षा में फोन (ChatGPT) के इस्तेमाल के दौरान पकड़ा गया था।
-
अब संस्थान ने माना कि जांच पूरी होने से पहले बयान जारी करना गलत था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने अभी औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है, हालांकि उन्होंने छात्रों की मांगों पर चर्चा के बाद प्रक्रिया के तहत पद छोड़ने का आश्वासन दिया है।
-
-
परिजन के गंभीर आरोप और FIR:
-
साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने प्रोफेसर दूल्ला, निदेशक और अन्य अधिकारियों पर पिछले 3 महीनों से जातिसूचक गालियां देने व मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
-
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, जिसकी जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।
-
-
छात्रों का प्रदर्शन और परीक्षाएं स्थगित:
-
घटना के विरोध में 400 से अधिक छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को टाल दिया गया है।
-
-
IITs में मानसिक तनाव का बढ़ता संकट:
-
एक सर्वेक्षण के अनुसार, IIT में 61% छात्र पढ़ाई के दबाव को तनाव का सबसे मुख्य कारण मानते हैं।
-
देश के प्रमुख संस्थानों में काउंसलर्स की भारी कमी है; उदाहरण के लिए, IIT खड़गपुर में औसतन 1,500 छात्रों पर केवल 1 काउंसलर उपलब्ध है।
-
