चक्रवात ‘अर्नब’ का दिखेगा असर: बिहार के 13 जिलों में 40 KM/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बारिश और वज्रपात की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर अब बिहार के मौसम पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि पटना समेत दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के 13 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की पूरी आशंका है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी और तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रभावित जिले और मौसम का हाल
मौसम विभाग के अनुसार, जिन 13 जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, उनमें पटना, नालंदा, गया, नवादा, लखीसराय, शेखपुरा, जहानाबाद, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर शामिल हैं। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
तापमान की बात करें तो गुरुवार के बाद से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा। वहीं न्यूनतम तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। बीते 24 घंटों में राज्य में सबसे गर्म इलाका सुपौल (36.2°C) रहा, जबकि किशनगंज में सबसे कम तापमान (16.2°C) दर्ज किया गया।
28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक भारी बारिश का अलर्ट
22 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा चक्रवात अर्नब आने वाले दिनों में और असर दिखाएगा। 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हवा की रफ्तार बढ़कर 45 से 50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। भभुआ, गया, नवादा और रोहतास में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि बाकी जिलों में भी मध्यम बारिश की संभावना है। आने वाले हफ्ते में अधिकतम पारा 26-28°C और न्यूनतम पारा 16-18°C के बीच रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए जरूरी हिदायत
मौसम के बदलते तेवरों को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खरीफ की पकी फसलों की कटाई कर रहे किसानों से कहा गया है कि वे कटी हुई फसल को तुरंत किसी सुरक्षित और सूखे स्थान पर पहुंचाएं। अगर फसल खेत में सुखाने के लिए रखी है, तो उसे तिरपाल या प्लास्टिक से अच्छी तरह ढंक दें। स्थिति बिगड़ने पर फिलहाल कटाई का काम रोक देने और मौसम साफ होने पर ही काम आगे बढ़ाने की सलाह दी गई है।
