October 21, 2026

सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद, जानिए आगे कैसी रहेगी चाल!

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मार्केट आउटलुक: बिकवाली के दबाव में फिसला बाजार, आगे क्या रह सकती है रणनीति?

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में बिकवाली के भारी दबाव में नजर आए। दिन की शुरुआत तो मजबूती के साथ हुई थी, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कॉरपोरेट नतीजों को लेकर बनी चिंताओं के कारण निवेशकों में मुनाफावसूली हावी हो गई, जिससे शुरुआती सारी बढ़त गायब हो गई।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 143.21 अंक (0.19%) फिसलकर 73,709.69 पर और निफ्टी 77.60 अंक (0.34%) टूटकर 22,811.35 पर बंद हुआ। बिकवाली का यह असर ब्रॉडर मार्केट पर भी देखने को मिला, जहां निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टरों का हाल: ऑटो और मेटल पर दबाव, आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा

  • सबसे कमजोर सेक्टर: बिकवाली के चलते ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे, जिनमें लगभग 2% तक की गिरावट आई। इसके अलावा डिफेंस, रियल्टी और प्राइवेट बैंकों में भी बिकवाली हावी रही।

  • चमकने वाले शेयर: हालांकि, आईटी (IT) शेयरों में आई शानदार तेजी ने बेंचमार्क इंडेक्स को दिन के सबसे निचले स्तरों से उबरने में काफी मदद की। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.5% की बढ़त के साथ आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

जानकारों की नजर में आगे की चाल

  • अभिनव तिवारी (रिसर्च एनालिस्ट, बोनान्जा): उनके मुताबिक, ऊंचे भाव पर बिकवाली के दबाव और जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित बड़े आईपीओ के कारण बाजार से फंड का रुख बदल सकता है। इसके अलावा ब्रेंट क्रूड के 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बने रहने से सतर्कता जरूरी है। आने वाले समय में बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, आईपीओ सब्सक्रिप्शन और क्रूड ऑयल की कीमतों पर निर्भर करेगी।

  • विनोद नायर (रिसर्च हेड, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स): उनका मानना है कि अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं की उम्मीदों के बावजूद ऊंची महंगाई और मार्जिन के दबाव ने शेयरों पर असर डाला है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों का मजबूत समर्थन बाजार को सहारा दे रहा है।

  • नागराज शेट्टी (सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, HDFC सिक्योरिटीज): डेली चार्ट पर एक लंबी ‘बेयर कैंडल’ बनी है, जो यह संकेत देती है कि 23,100 का अहम रेजिस्टेंस लेवल बाजार के लिए बड़ी बाधा बना हुआ है। ‘चेंज इन पोलैरिटी’ के नियम के अनुसार, निफ्टी इस समय अपने उस सपोर्ट (22,750-22,700) के बेहद करीब है जो पहले रेजिस्टेंस हुआ करता था। यदि यह स्तर टूटता है, तो बाजार फिसलकर 22,300-22,200 के दायरे में आ सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल पाठकों की जानकारी के लिए है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।